Hindi Shayari

हिंदी में शराब शायरी

Written by WikiHi

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

Hello Friends, आज के इस पोस्ट Sharab Shayari and quotes in Hindi में आप सभी को दी जा रही है कुछ बेहतरीन हिंदी में शराब शायरी अर्थात Sharab Shayari in Hindi ताकि आप इसे पढ़ सकें और भेज सकें उन लोगों को जिनको इनकी जरुरत हो. तो आइये पढ़ते हैं हिंदी में तन्हाई शायरी.

Sharaab Shayari in Hindi

कभी देखेंगे ऐ जाम तुझे होठों से लगाकर,
तू मुझमें उतरता है कि मैं तुझमें उतरता हूँ।

 

ग़म इस कदर बढ़े कि घबरा के पी गया,
इस दिल की बेबसी पे तरस खा के पी गया,
ठुकरा रहा था मुझे बड़ी देर से ज़माना,
मैं आज सब जहान को ठुकरा के पी गया।

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

 

ना दूर हमसे जाया करो, दिल तड़प जाता है,
आपके ख्यालों में ही हमारा दिन गुज़र जाता है,
पूछता है यह दिल एक सवाल आपसे,
कि क्या दूर रहकर भी आपको हमारा ख्याल आता है!! 😔

 

Gham is kadar mila ki ghabra ke pee gaye,
Khushi thodi si mili to mila ke pee gaye,
Yun to naa thi janam se peene ki aadat,
Sharab ko tanha dekha to taras khaa ke pee gaye.

Hothon Pe Aaj Unka Naam Aa Gaya
Pyase Ke Hath Mein Aaj Jaam Aa Gaya
Dole Kadam To Gire Unki Bahon Main Ja Ke
Aaj To Peena Bhi Hamare Kaam Aa Gaya

Madhosh Hum Hardam Raha Karte Hain,
Aur Ilzaam Sharaab Ko Diya Karte Hain,
Kasoor Sharaab Ka Nahi Unka Hai Yaaron,
Jinka Chehra Hum Har Jaam Mein Talaash Kiya Karte Hain.

 

कौन आता है मयखाने में
पीने को ये शराब साकी,
हम तो तेरे हुस्न का
दीदार किया करते हैं।

 

अब के सावन में सबका हिसाब कर दूंगा

जिसका जो वाकी है वो भी हिसाब कर दूंगा

और मुझे इस गिलास में ही कैद रख वरना

पूरे शहर का पानी शराब कर दूंगा ||

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

 

लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे,
आज हमारा पीना ही हमारे काम आ गया।

 

तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है,
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है,
फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ टूटे दिल वालों,
यहाँ दर्द-ए-दिल की दवा पिलाई जाती है।

 

Sharab Sareer Ko Khatam Krti Hai
Sharab Samaj Ko Khatam Krti Hai,
Aao Aaj Is Sharab Ko Khatam Krte Hain,
Ek Bottle Tum Khtam Kro, Ek Bottle Hum Khatam Krte Hai..

 

Pee Ke Raat Ko Hum Unko Bhulane Lage,
Sharab Mein Gham Ko Milane Lage,
Daru Bhi Bewafa Nikli Yaron,
Nashe Mein To Woh Aur Bhi Yaad Aane Lage.

 

तमाम रातें गुजर गयीं मयखाने में पीते-पीते
मगर अफ़सोस
न बोतल ख़त्म हुयी, न किस्सा ख़त्म हुआ
और न ही तेरे दर्द का वो हिस्सा ख़त्म हुआ।

 

कुछ तो शराफत सीख ले इश्क शराब से

बोतल पे लिखा तो है मैं जानलेवा हूँ ||

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

 

परदा तो होश वालों से किया जाता है हुज़ूर,
तुम बेनक़ाब चले आओ हम तो नशे में हैं।

 

कहीं सागर लबालब हैं कहीं खाली पियाले हैं,
यह कैसा दौर है साकी यह क्या तकसीम है साकी।

 

इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ,
सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ,
जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश,
मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ।

 

Ek Jaam Ulfat Ke Naam,
Ek Jaam Mohabat Ke Naam.
Ek Jaam Wafa K Naam,
Puri Botal Bewafa Ke Naam,
Aur Pura Theka Doston Ke Naam.

 

प्यास जज्बातों की
मयखाने में कहाँ बुझती है
ए साकी
हम तो इस भरी महफ़िल में
तन्हाईयाँ बाँटने चले आते हैं।

 

दुनिया से ऊब चुका हूं, कुछ और सांस दे दो
ये दिल बड़ा प्यासा है, कुछ और प्यास दे दो

जीने की तमन्ना थी, तुझे पाने की आरजू थी
अब खो चुका हूं सब-कुछ, चंद और ख्वाब दे दो

हर जाम पी गया मैं, ऐ दर्दे-जिंदगानी
फिर भी बड़ा तरसा हूं, कुछ और शराब दे दो

आबाद इस जहान में बर्बाद सा एक मुसाफिर
है चांद थका-थका सा, कुछ और तलाश दे दो ||

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

 

छलक जाने दो पैमाने
मैखाने भी क्या याद रखेंगे,
आया था कोई दिवाना
अपनी मोहब्बत को भुलाने।

 

मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है,
करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात।

 

इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ,
सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ,
जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश,
मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ।

 

Teri Aankhon Ke Ye Jo Pyale Hain,
Meri Andheri Raaton Ke Ujale Hain,
Peeta Hoon Jaam Par Jaam Tere Naam Ka,
Hum To Sharabi Be-Sharab Wale Hain..!!

 

यूँ ही बदनाम कर दिया है दुनियावालों ने मयखानों को,
जो नशा शबाब में होता है वो शराब में कहाँ।

 

Nasha Hum Karte Hain,
Ilzaam Sharaab Ko Diya Jaata Hai,
Magar Ilzaam Sharab Ka Nahi Unka Hai,
Jinka Chehra Hume Har Jaam Me Nazar Aata Hai.

 

चुप चाप चल रहे थे अपनी मंज़िल की ओर

फिर ठेके पर नज़र पड़ी

और

गुमराह से हो गये हम ||

 

मैं खुदा का नाम लेकर पी रहा हूँ दोस्तों,
ज़हर भी इसमें अगर होगा दवा हो जाएगा,
सब उसी के हैं, हवा, खुशबू, ज़मीनो-आसमाँ,
मैं जहाँ भी जाऊँगा उसको पता हो जाएगा।

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

 

यूँ बिगड़ी बहकी बातों का
कोई शौक़ नही है मुझको,
वो पुरानी शराब के जैसी है
असर सर से उतरता ही नहीं।

 

Madhhosh hum hardam raha karte hain,
Aur ilzaam sharaab ko diya karte hain,
Kasoor sharaab ka nahi unka hai yaron,
Jinka chehra hum har jaam mein talaash kiya karte hain.

 

Pee Hai Sharab Har Gali Har Dukan Se,
Ek Dosti Si Ho Gayi Hai Sharab Ke Jaam Se,
Guzre Hain Hum Ishq Mein Kuch Aise Mukam Se,
Ke Nafrat Si Ho Gayi Hai Mohabbat Ke Naam Se.

 

कौन कहता है कि
ग़मों को भुला देती है शराब,
ये तो वो साथी है
जो दर्द को बाँट लेती है।

 

तन्हाई में भी कहते है लोग

जरा महफ़िल में जिया करो

पैमाना लेके बिठा देते है मैखाने में

और कहते है जरा तुम कम पिया करो ||

 

थोड़ी सी पी शराब थोड़ी सी उछाल दी,
कुछ इस तरह से हमने जवानी निकाल दी।

 

Pee ke raat ko hum unko bhulane lage,
Sharab mein gham ko milane lage,
Daru bhi bewafa nikali yaron,
Nashe mein to woh aur bhi yaad aane lage.

 

Raat chup hai magar chand khamosh nahi,
Kaise kahoon aaj phir hosh nahi,
Is tarah dooba hoon teri mohabbat ki gahrai mein,
Hath mein jaam hai aur peena ka hosh nahi.

 

Sharab Sareer Ko Khatam Krti Hai
Sharab Samaj Ko Khatam Krti Hai,
Aao Aaj Is Sharab Ko Khatam Krte Hain,
Ek Bottle Tum Khtam Kro, Ek Bottle Hum Khatam Krte Hai.

 

Dil Pe Jab Se Sharab Ka Pehra Lag Gaya,
Gam Ka Andar Aane Ka Raasta Band Ho Gaya,
Zubaan Ne Jab Se Sharab Ko Choo Liya,
Uska Naam Hamesha Ke Liye Bhool Gaya.

 

क्या बताएं तेरे जाने के बाद
इस दिल पर क्या-क्या बीती है,
अब तो हम शराब को
और शराब हमें पीती है।

 

नशा हम किया करते है इलज़ाम शराब को दिया करते है

कसूर शराब का नहीं उनका है

जिनका चहेरा हम जाम मै तलाश किया करते है ||

 

मय छलक जाए तो कमजर्फ हैं पीने वाले,
जाम खाली हो तो साकी तेरी रूसवाई है।

 

शिकन न डाल जबीं पर शराब देते हुए,
यह मुस्कराती हुई चीज मुस्करा के पिला,
सरूर चीज के मिकदार में नहीं मौकूफ,
शराब कम है साकी तो नजर मिला के पिला।

 

तुम आज साक़ी बने हो तो शहर प्यासा है,
हमारे दौर में ख़ाली कोई गिलास न था।

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

 

Ek jaam ulfat ke naam,
Ek jaam mohabat ke naam.
Ek jaam wafa k naam,
Puri botal bewafa ke naam,
Aur pura theka doston ke naam.

 

Pee hai sharab har gali har dukan se,
Ek dosti si ho gai hai sharab ke jaam se,
Guzre hain hum ishq mein kuchh aise mukam se,
Ke nafrat si ho gai hai mohabbat ke naam se.

 

Hamesha Yad Ati Hai Unki,
Aur Mood Ho Jata Hai Kharab,
Tab Hamesha Lekar Baithe Hai Hum,
Ek Hath Me Kalam Aur Ek Hath Me Sharab.

 

Meri Kabar Pe Mat Gulaab Leke Aana,
Na Hi Haathon Mein Chiraag Leke Aana,
Payasa Hu Main Barso Se Janam,
Botal Sharab Ki Aur Ek Glass Leke Aana.

 

सबके सुर बिगड़ गए हैं
हर लफ्ज़ बीमार है,
किसी पर ‘मय’ का नशा छाया है
तो कोई ‘मैं’ के नशे में गिरफ्तार है।

 

रख ले 2-4 बोतल कफ़न में

साथ बैठ कर पिया करेंगे

जब माँगे गा हिसाब गुनाहों का

एक पेग उससे भी दे दिया करेंगे ||

हिंदी में शराब शायरी | Sharaab Shayari in Hindi

 

तुम आज साक़ी बने हो तो शहर प्यासा है
हमारे दौर में ख़ाली कोई गिलास न था।

 

नशा हम करते हैं,
इलज़ाम शराब को दिया जाता है,
मगर इल्ज़ाम शराब का नहीं उनका है,
जिनका चेहरा हमें हर जाम में नज़र आता है!

 

Sharaab Dard Ki Dawa Hai,
Peene Se Koi Khraabi Nahi,
Dil Ke Dard Se Peete Hain,
Waise Hum Sharaabi Nahi.

 

Har Maikhana Ehsan Kar Jata Hai,
Aapne Gum Hamare Naam Kar Jata Hai,
Pita Hai Jam Mehfil Me,
Nam Saki Ka Badnam Kar Jata Hai.

 

हर बार सोचता हूँ
छोड़ दूंगा मैं पीना अब से,
मगर तेरी आड़ आती है
और हम मयखाने को चल पड़ते हैं।

 

नाजर से नजर मिली तो
पूरा मयखाना मिल गया हमको,
अब तो तेरी यादों का एक जाम
हम हर शाम पिया करते हैं।

 

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