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Latest Desh Bhakti Shayari in Hindi

Written by WikiHi


26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 15 अगस्त (स्‍वतंत्रता दिवस) के लिए देशभक्ति शायरी

Hello Friends, aaj ke is post me aap sabhi ke liye kuchh behatrin Desh Bhakti Shayari di jaa rahi hai jo ki hindi me hogi aur kafi latest hain taki aap sabhi logon ko 26 january aur 15 august ke liye wish kar saken in Desh Bhakti Shayari in hindi ke saath.

शीर्षक : देशभक्ति शायरी.! aap sabhi ke liye ek behatrin post hai jo aap sabhi ko jarur puri padhni chahiye.

waise to aap sabhi bahut saare देश भक्ति फिल्में और गीत suna karte honge. lekin desh bhakti shayari ka alag hi baat hai jo aap sabhi ko jarur use karna chahiye.

Desh Bhakti Shayari in Hindi

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि, मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा.

इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना, रौशनी होगी विरागो को जलाए रखना, लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने, ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना || जय हिन्द जय भारत..

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे, बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे||

किसी को लगता हैं हिन्दू ख़तरे में हैं, किसी को लगता मुसलमान ख़तरे में हैं, धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों, पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं..

कुछ पन्ने इतिहास के मेरे मुल्क के सीने में शमशीर हो गएँ, जो लड़े, जो मरे वो शहीद हो गएँ, जो डरे, जो झुके वो वजीर हो गएँ..

Desh Bhakti Par Shayari

हर वक़्त मेरी आँखों में धरती का स्वप्न हो, जब कभी मरू तो तिरंगा मेरा कफ़न हो, और कोई ख्वाहिश नहीं है ज़िन्दगी में, जब कभी भी जन्मु तो भारत मेरा वतन हो||

मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ, यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ.

कुछ तो बात है मेरे देश की मिट्टी में साहेब,
सरहदें कूद के आते हैं यहाँ दफ़न होने के लिए

Khushnaseeb Hain Wo Jo
Watan Pe Mit Jaate Hai,
Mar Kar Bhi Wo Log
Amar Ho Jaate Hai,
Karta Hoon Tumhe Saalam
Ai Watan Pe Mitne Walo
Tumhari Har Saans Mein Basna
Tirange Ka Naseeb Hai.
Jai Hind…!

किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
जय हिन्द…

ए मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा,
यह शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा,
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गंवाए,
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर ना आए।
Happy Independence Day

देश वतन शायरी

लुटेरा है अगर आजाद तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है। 

Ye Bat Hawao Ko Bataye Rakhna

Roshni Hogi Chirago Ko Jalaye Rakna

Lahu Dekr Jiski Hifazat Hamne

Aise Tirange Ko Sada Dil Me Basaye Rakhna.

ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई ,

मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ,

नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई ,

मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता

किसी को लगता है हिन्दू खतरे में है 
किसी को लगता है मुस्लमान खतरे में है 
धर्म का चश्मा उतार के देखो यारो 
पता चलेगा हमारा हुन्दुस्तान खतरे में है 
देश भक्ति शायरी 

Aao Milkar Kare Desh Ko Salam
Bolo Mera Bharat Mahan
Naa Poochho Jamaney Ko,
Kya Hamari Kahani Hain,
Hamari Pehchaan To Sirf Ye Hai
Ki Hum Sirf Hindustani Hain

मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हुँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ.

उड़ जाती है नींद ये सोचकर
कि सरहद पे दी गयीं वो कुर्बानियां
मेरी नींद के लिए थीं

जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
क्या लोग थे वो अभिमानी
है धन्य वो उनकी जवानी

जय हिन्द!!

देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल हैं यारों
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है

दिलों की नफरत को निकालो
वतन के इन दुश्मनों को मारो
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन
भारत माँ के सम्मान को बचा लो

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा

मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।

जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है..

देश भक्ति पर छोटी कविता

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये
* जय-हिन्द *

Watan Hamara Aise Na Chhor Paaye Koi,
Rishta Hamara Aise Na Tod Paaye Koi,
Dil Hamare Ek Hai Ek Hai Hamari Jaan,
Hindustan Hamara Hai Hm Hai Iski Shaan.

Halki Si Dhup Brsat K Baad,
Thori Si Khushi Hr Baat K Baad,
Isi Tarh Mubark Ho Ap Ko,
Azadi 1 Din K Baad….

Chalo Phir Se Aaj Woh Nazara Yaad Kar Le,
Shahido Ke Dil Me Thi Vo Jwala Yaad Karle,
Jisme Behkar Azadi Pahuchi Thi Kinare Pe
Deshbhakto Ke Khoon Ki Vo Dhara Yad Krle

मिटा दिया है वजूद उनका जो भी इनसे भिड़ा है,

देश की रक्षा का संकल्प लिए जो जवान सरहद पर खड़ा है।


देश भक्ती शायरी 

दे सलामी इस तिरंगे को

जिस से तेरी शान हैं,

सर हमेशा ऊँचा रखना इसका

जब तक दिल में जान हैं


सीनें में ज़ुनू, ऑखों में देंशभक्ति, की चमक रखता हुँ,

दुश्मन के साँसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हुँ..!!

मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ

यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,

मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,

तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।

किसी को लगता है हिन्दू खतरे में है
किसी को लगता है मुस्लमान खतरे में है
धर्म का चश्मा उतार के देखो यारो
पता चलेगा हमारा हुन्दुस्तान खतरे में है !

Watan ki mohabbat mein khud ko tapaye baithe hai,
Marege watan ke liye shart maut se lagaye baithe hain! 

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहराएंगे हर जगह..
ये तिरंगा नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।

Desh Bhakti Shayari

सुंदर है जग में सबसे नाम भी न्यारा है,
जहां जाति भाषा से बढ़कर देश प्रेम की धारा है,
निश्चय पवन प्रेमपूर्ण और विशाल हृदय वाला है,
वह भारत देश हमारा है वह भारत देश हमारा है।

गूंज रहा है दुनिया में भारत का नगाड़ा,
चमक रहा आसमान में देश का सितारा,
आजादी के दिन आओ मिलकर करें दुआ,
की बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा।
Happy Independence Day

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।

हिंदी देशभक्ति शायरी 2019 – Deshbhakti Shayari in Hindi

खुशनसीव हैं वो जो
वतन पे मिट जाते हैं,
मर कर भी वो लोग
अमर हो जाते हैं,
करता हूँ तुम्हे सलाम
ऐ वतन पर मिटने वालो,
तुम्हारी हर सांस में बसना
तिरंगे का नसीव है।
जय हिन्द…!

desh bhakti shayari in hindi language

मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है,
कि चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है,
मैं अमन पसंद हूँ,
मेरे शहर में दंगा रहने दो,
लाल और हरे में मत बांटो,
मेरी छत पर तिरंगा रहने दो।

Desh Bhakti Shayari in Hindi | देश भक्ति शायरी सुविचार

कुछ हाथ से मेरे निकल गया,
वो पलक झपक के छिप गया,
फिर लाश बिछ गयी लाखों की,
सब पलक झपक के बदल गया।
जब रिश्ते राख में बदल गए,
इंसानियत का दिल दहल गया,
मैं पूछ पूछ के हार गया,
क्यूँ मेरा भारत बदल गया?

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

स्वतंत्रता दिवस पर शायरी

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,

कुछ नशा मातृभूमि की मान का है,

हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,

नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है

 गणतंत्र दिवस पर शायरी

कर जस्बे को बुलंद जवान 

तेरे पीछे खड़ी आवाम 

हर पत्ते को मार गिरायेंगे

जो हमसे देश बटवायेंगे

खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,

मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,

करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,

तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है

अपनी धरती अपना हैं ये वतन, मेरा है मेरा है ये वतन, इस पर जो आॅंख उठाएगा जिंदा दफना दिया जाएगा… मुझे जान से भी प्यारा है ये वतन..

Desh Bhakti Shayari Image

अपनी धरती अपना हैं ये वतन, मेरा है मेरा है ये वतन, इस पर जो आॅंख उठाएगा, जिंदा दफना दिया जाएगा मुझे जान से भी प्यारा है ये वतन..

ये बात हवाओ को भी बताये रखना, रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना, लहू देकर जिसकी हिफाज़त हमने की.. ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना..!

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि, मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं, इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं, मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं, कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं..

ना तन चाहिए, ना धन चाहिए बस अमन से भरा यह वतन चाहिए.. जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये ||

शहीदों के लिए देश वतन शायरी

मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ, यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ!

मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ, यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ ||

जिन्हें है प्यार वतन से, वो देश के लिए अपना लहू बहाते हैं| माँ की चरणों में अपना शीश चढ़ाकर, देश की आजादी बचाते हैं| देश के लिए हँसते-हँसते अपनी जान लुटाते हैं|

यही खुवाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना, अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना, न दे दोलत न दे शोहरत, कोई शिकवा नही हमको, झुका दूँ सर मै दुश्मन का यही हिम्मत का घन देना, अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना..!

इंडियन आर्मी देशभक्ति शायरी

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं, इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं, मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं, कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं..

देश को आजादी के नए अफसानों की जरूरत है| भगत-आजाद जैसे आजादी के दीवानों की जरूरत है, भारत को फिर देशभक्त परवानों की जरूरत है.

देशभक्ति शायरी | desh bhakti shayari

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे, शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे, बची हो जो एक बूंद भी लहू की… तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे…||

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे…!

खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं, मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं, करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों, तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है…!


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